तुझे देख कर क्यों आज कीसी काफ़िर का दिल धड़का है,लगता है तेरे एक पल रहने को कोई हर पल मरता है,
तुझे पता नही पर तेरे एक दीदार से कीसी का दिन बानता है
रखता है तुझे कोई आपनी पलकों पर तेरे कोमल दिल को बताने से डरता है,
तुझ पे कोई मरता है .........................
तुझे पता नही पर तेरे एक दीदार से कीसी का दिन बानता है
रखता है तुझे कोई आपनी पलकों पर तेरे कोमल दिल को बताने से डरता है,
तुझ पे कोई मरता है .........................
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